जनहित में जारी…

एक बात कुछ यूं हैं म्हारी... जो करनी हैं जनहित में जारी...दुनिया ने की हैं तैयारी...आयी हैं अब कोरोना री बारी...ना रण हैं ना अस्त्र कोई... हैं वो फ़रिश्ता या इंसान कोई... डॉक्टर कहो उसे या कहो पुलिस... लड़ाई उनकी अब तक हैं जारी... हिम्मत हैं उनकी जो नहीं हैं हारी... रात और दिन का... Continue Reading →

एक दिन…

एक दिन सवेरे-सवेरे जब मैं... अपने आँगन के बाहर देखता हूँ... एक जाने पहचाने से हसीन चेहरे को... उसी रास्ते से गुज़रते हुए देखता हूँ... देखकर मुझको थोड़ी ही दूर से... होठों पर आयी उसकी मुस्कान को देखता हूँ... आकर वो रुकती हैं जब मेरे आँगन के पास... और एकदम से पूछती हैं ये एक... Continue Reading →

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