एक दिन…
एक दिन सवेरे-सवेरे जब मैं... अपने आँगन के बाहर देखता हूँ... एक जाने पहचाने से हसीन चेहरे को... उसी रास्ते से गुज़रते हुए देखता हूँ... देखकर मुझको थोड़ी ही दूर से... होठों पर आयी उसकी मुस्कान को देखता हूँ... आकर वो रुकती हैं जब मेरे आँगन के पास... और एकदम से पूछती हैं ये एक... Continue Reading →
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