क्या ही होता जहाँ में…
क्या ही होता जहाँ में अगर तू ना होता...ना मैं आवारा बादल होता... ना यूँ बेमौसम बरसता... ना किसी अनजाने से मोड़ पर... यूँ ही तेरी राहें तकता... क्या ही होता जहाँ में अगर तू ना होता... ना इस बंजारेपन से इश्क़ होता... ना ही बावरा ये मेरा मन होता... ना ही हवाओं में कोई... Continue Reading →
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