काफ़ी हैं इतना…कि अगर तू किसी को ज़ुदा होते हुए देखें और…तुझे अपनी कहानी याद आ जाए…काफ़ी हैं इतना…कि तू कोशिश भी करें कि वो…वो गलतियाँ ना करें जो हमने की थी कभी…काफ़ी हैं इतना…तू कभी उस मोड़ से भी गुज़रे…और चंद लम्हों के लिए ही सही…तू अगर उस रास्ते को देखने की कोशिश करें…जहा... Continue Reading →
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