वक़्त के पन्नों से…
ये वक़्त के पन्ने भी बहुत अज़ीब होते हैं...ना तो ये फ़िर से खुल सकते हैं...ना ही इनको बदल सकते हैं...फ़िर भी, जो आने वाला हैं...वो ख़्यालों में आ ही जाता हैं...और जो गुज़र गया हैं... वो ज़ेहन में रह ही जाता हैं...हैं ना, वक़्त के पन्ने... कुछ अज़ीब से...कोई यादों की मीठी बर्फ़ी बनाता... Continue Reading →
जनहित में जारी…
एक बात कुछ यूं हैं म्हारी... जो करनी हैं जनहित में जारी...दुनिया ने की हैं तैयारी...आयी हैं अब कोरोना री बारी...ना रण हैं ना अस्त्र कोई... हैं वो फ़रिश्ता या इंसान कोई... डॉक्टर कहो उसे या कहो पुलिस... लड़ाई उनकी अब तक हैं जारी... हिम्मत हैं उनकी जो नहीं हैं हारी... रात और दिन का... Continue Reading →
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