वक़्त के पन्नों से…

ये वक़्त के पन्ने भी बहुत अज़ीब होते हैं...ना तो ये फ़िर से खुल सकते हैं...ना ही इनको बदल सकते हैं...फ़िर भी, जो आने वाला हैं...वो ख़्यालों में आ ही जाता हैं...और जो गुज़र गया हैं... वो ज़ेहन में रह ही जाता हैं...हैं ना, वक़्त के पन्ने... कुछ अज़ीब से...कोई यादों की मीठी बर्फ़ी बनाता... Continue Reading →

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