किनारे तक आते आते... शायद लेहरों को ये एहसास हो जाता है... कि कैसे जाये वो दूर उस सागर से... जिसके बिना उसका कोई वजूद नहीं... इसलिए लौट जाती हैं वापस... किनारे तक आते आते... ~तरुण
Ramadan…
सजदे मे खुदा के... चल आज इबादत करते हैं... सहरी से इफ्तारी तक... चल आज दुआएं लेते हैं... चाँद कभी अधूरा भी होगा... किसी रात वो पूरा भी होगा... चल आज नमाज़ी बनकर... उस ख़ुदा से मिलते हैं... ~तरुण
Alfaz…
alfaz...
Joker…
किसी को याद है... ताश के पत्तों का वो जोकर... जिसे सबसे पहले ढूंढते हैं... बाहर निकाल के रखने के लिए... और भूल जाते हैं... मगर वही जोकर तमाशा देखता है... बाज़ीयों में उलझे बादशाह को... जो एक इक्के से हार जाता है... ~तरुण
Ek Kahaani…
#fiction #Hindi #story #storyteller #tapeatale #tarunsays Manjari tha uska naam... Pata nahi kiya tha maine, aur pucha bhi nahi tha usse, suna tha shayad kahi se... Koi aawaz dekar pukar raha tha usko... Uska koi apna hi hoga... Socha maine yahi tha... Aur maan bhi liya tha... Bas phir kya tha... Kahaani shuru hone wali... Continue Reading →
सैनिक…
कोई गीत गुनगुना रहा था... कोई अपनो को याद कर रहा था... कोई खत छुपा कर आया था तो कोई वादा करके आया था... हाँ, वो जवान ही था... जो घर से कही दूर जा रहा था... नमन करता हू उनके जज्बे को... नमन करता हू उनके हौसले को... नमन करता हू उनकी शहादत को...... Continue Reading →
Recent Comments