कच्ची उम्र…
माना कच्चे थे वो सारे वादे...और कच्ची थी वो उम्र.... निभाते तो तब भी थे... और निभाएंगे अब भी हम... सोच के भी यही सोचा... कि अब कह दे उनसे हम... जब गए यही बात करने...उनके घर पर हम...फ़ासले इतने ज़्यादा थे...जितनी नहीं थी उम्र... बदल गयी थी सूरत उनकी...बस न बदले थे हम...कहने की... Continue Reading →
फ़िर से…
फ़िर से अगर इश्क़ होगा तुझे…तो फ़िर क़यामत भी आएगी…फ़िर से तेरी नींद भी उड़ेगी…फ़िर बेचैन रात भी आएगी…सुबह सुबह किसी दिन…फ़िर चाय ठंडी पड़ जाएगी…और यूँही करते करते एक दिन तुझे…उसकी आदत हो जाएगी…फ़िर से अगर इश्क़ होगा तुझे…तो फ़िर क़यामत भी आएगी…~तरुण
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