दौर…

ये जो घुला हैं ज़हर हवाओं में…उसे साँसों में ना उतरने देना…तुम बस अपने दिल की…धड़कनों को सुनते रहना… चाहें जैसे भी हो हालात यहां के…तुम बस थोड़ा सा हौसला रखना…ग़र कभी टकरा भी जाओ मौत से…तुम बस अपनी ज़िन्दगी के लिए लड़ना… यूँ ही साँसे गंवाकर क्या ही पाना हैं…जो भी हो पास बस... Continue Reading →

परिंदे की कहानी…

एक परिंदा शाम होते होते...एक दहलीज़ पर आकर रूक गया...कुछ ना पाया आसमाँ में शायद...फ़िर ज़मीं पर लौट गया... वहाँ उसने एक पिंजरें को देखा...पिंजरें में एक परिंदे को देखा...परिंदे को दाना चुगते देखा...फ़िर उसने आसमाँ को देखा... फ़िर उसने एक फ़ैसला लिया...पिंजरें के पास जाने का...भूख का मारा था वो शायद...वही एक चारा था... Continue Reading →

बारिश और मैं…

एक आह सी निकल जाती हैं...जब बारिशें मुझे बुलाती हैं...भीगने को... झूमने को...हर बार की तरह... मग़र इस बार तेरे बग़ैर...फ़िर भी जाता हूँ मैं...उस बारिश में...भीगने को...झूमने को...ताकि इस बारिश को... यूं ना लगे कि...हम साथ नहीं हैं...वो पूछती हैं...जब देखती हैं तू नहीं हैं साथ...वो बस आ ही रही हैं...बस थोड़ी देर के... Continue Reading →

इत्तेफ़ाक…

ग़र कभी इत्तेफ़ाक से...मैं, तुम्हें बाज़ार में दिख जाऊ...हाँ उसी बाज़ार में...तो कहो, तुम मिलने आओगे...? अगर तुम्हारा ज़वाब ना हैं ना...तो मैं मान लूँगा...कि तुम बंदिशों में हो...और तुम अब वो नहीं हो...जो तुम थी कभी... अगर फिर भी तुम्हारा ज़वाब ना हैं ना...तो मैं मान लूँगा...कि कुछ हैं जो तुम्हें रोक रहा हैं...कुछ... Continue Reading →

Tera Shahar

#tarunsays #spillpoetry #hindi Naa Jane kyu ye Shahar anjana sa lagta hai... Aaya tha aaj jab mein tere shahar... Kuch thik nahi tha uska mizaz... Galiyon ka sannata sab kuch bayaan kar raha tha... Bachpan ka shor,ab Nazar nahi aa raha tha...

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