नज़्म २ 📝

#Poetry #Hindi #SpillPoetry #Shayarana #tarunsays #heartsays

1.
मैं लिखूंगा तेरे बारे में…
मक़सद प्यार पाना नहीं… समझाना हैं…

2.
तुझसे मुलाक़ात का ज़िक्र ही काफ़ी था…
तुने रूबरू होकर सारे अरमान पुरे कर दिए…

3.
जिस भीड़ से छीन के लाया था तुझे कभी…
आज उसी भीड़ में खड़े होकर तुझे देखा हैं…

4.
कुछ इस तरह तेरी कमी को पुरी करती हैं…
ये सर्द हवाएं आजकल बहुत तंग करती हैं…

5.
कैसे समझाऊं मैं उन लहरों कों…
जो आज भी तेरे क़दमों के निशान ढूंढती है मेरे कदमों के साथ…

6.
चल आज फ़िर से संदुक खोलते हैं…
चल आज फ़िर से वो खत पढ़ते हैं…

7.
चल अब खत्म करे सवाल- जवाब का दौर…
अब ओर लिखने के लिए पन्ने नहीं है मेरे पास…

With Love ~T@ROON 📝

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