जिद्द…

तारीफों में उनकी…
कुछ नज़्में लिख रखी हैं…
दुआओं में उनकी…
मन्नतें भी कर रखी हैं…
मग़र ये लोग कहते हैं…
कि नहीं आएगें वो लौट कर…
तुमने फिजूल ही…
इतनी मेहनत कर रखी हैं…
हमने भी कह दिया लोगो से…
आना तो होगा ही उनको…
अब जो भी हो…
हमने भी उनके इंतज़ार की…
जिद्द कर रखी हैं…
~तरुण

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